
मेंशन हाउस ब्रांडी बनाने वाली तिलकनगर इंडस्ट्रीज, फ्रांसीसी कंपनी पर्नोड रिकार्ड के मालिकाना हक वाली इंपीरियल ब्लू व्हिस्की की प्रपोज्ड खरीद के लिए अन्य दावेदारों से आगे निकल गई है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है कि तिलकनगर इंडस्ट्रीज ने इस सौदे के लिए बातचीत शुरू कर दी है। मेंशन हाउस ब्रांडी भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली ब्रांडी है। वहीं पूरी दुनिया में बिक्री के मामले में यह दूसरे नंबर पर है।
सूत्रों का कहना है कि अगर बातचीत योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो इस महीने के आखिर में दोनों पार्टीज के बीच फाइनल एग्रीमेंट साइन हो सकता है। फिलहाल तिलकनगर इंडस्ट्रीज इस सौदे को कर्ज और इक्विटी के जरिए फंड करने का प्लान कर रही है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है बातचीत डील में कनवर्ट होगी ही, ऐसा पक्का भी नहीं है।
प्रीमियम व्हिस्की ब्रांड पर फोकस करना चाहती है पर्नोड रिकार्ड
इंपीरियल ब्लू की बिक्री से पर्नोड रिकार्ड, हायर मार्जिन वाले प्रीमियम व्हिस्की ब्रांड जैसे चिवास रीगल, ग्लेनलिवेट और जेम्सन पर फोकस कर सकती है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इंपीरियल ब्लू 2002 में पेरनोड रिकार्ड का हिस्सा बनी थी। उसके बाद से इसकी सफलता साल दर साल बढ़ती गई। आज यह समूह का सबसे बड़ा ब्रांड है। पिछले साल 17 दिसंबर की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि गोल्डमैन सैक्स, इंपीरियल ब्लू सौदे पर सेल-साइड सलाहकार के रूप में काम कर रही है।
भारत में 1997 से है इंपीरियल ब्लू
इंपीरियल ब्लू को भारत में 1997 में लॉन्च किया गया था। यह भारत में रॉयल स्टैग के बाद पर्नोड रिकार्ड की दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की है। 2024 में कंपनी ने भारत में 20 करोड़ यूरो तक की निवेश योजनाओं की घोषणा की थी। इनमें भारत की सबसे बड़ी मॉल्ट डिस्टिलरी में से एक का निर्माण भी शामिल है। यह महाराष्ट्र के नागपुर में बनेगी। इसकी क्षमता प्रतिदिन 60,000 लीटर तक ताजा मॉल्ट स्पिरिट का उत्पादन करने की होगी।
भारतीय शराब क्षेत्र में आखिरी मेगा खरीद डियाजियो ने की थी। इसने 2014 में लगभग 1.9 अरब डॉलर में यूनाइटेड स्पिरिट्स का अधिग्रहण किया था। इससे पहले तिलकनगर इंडस्ट्रीज ने एल्को-बेव सेगमेंट में निवेश किया था, जिसमें रेडी-टू-पोर बेवरेज कंपनी बार्टिसन और स्पेसमैन स्पिरिट्स शामिल हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में सालाना आधार पर 55.7 प्रतिशत बढ़कर 40.09 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 25.75 करोड़ रुपये था।